नए पदों के सृजन के साथ हो चयनित सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति : डॉ.रामजी दास राठौर

मध्यप्रदेश शासन की अतिथि विद्वान व्यवस्था में कार्यरत अतिथि विद्वान डॉ रामजी दास राठौर ने अपने विचारों को अभिव्यक्ति करते हुए मध्यप्रद...


मध्यप्रदेश शासन की अतिथि विद्वान व्यवस्था में कार्यरत अतिथि विद्वान डॉ रामजी दास राठौर ने अपने विचारों को अभिव्यक्ति करते हुए मध्यप्रदेश शासन को यह सुझाव दिया है कि वर्तमान परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए मध्यप्रदेश शासन द्वारा जनहित में इस प्रकार का निर्णय माननीय मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ जी एवं माननीय उच्च शिक्षा मंत्री श्री जीतू पटवारी जी द्वारा लिया जाना चाहिए जिससे कि चयनित एवं अचयनित दोनों प्रकार के अतिथि विद्वानों के हितों की रक्षा हो सके। मध्य प्रदेश शासन के सामने पूर्व शासन द्वारा इस प्रकार का संकट खड़ा किया जा चुका है कि यदि वह चयनित अतिथि विद्वानों का ध्यान रखता है जिन्होंने मध्य प्रदेश पीएससी की सहायक प्राध्यापक परीक्षा पास की है तथा लगभग एक वर्ष से चयन प्रक्रिया से गुजर रहे हैं। तो अचयनित अतिथि विद्वानों का अव्यवस्थित होना तय है क्योंकि माननीय  उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी जी ने यह कहा है कि हमें शासन की विभिन्न योजनाओं को संचालित करने के लिए नियमित सहायक प्राध्यापकों की आवश्यकता है। मध्यप्रदेश शासन का लगभग 5000 करोड़ का नुकसान हो चुका है। इसलिए पीएससी से चयनित अतिथि विद्वानों का सहायक प्राध्यापक पद के लिए अपॉइंटमेंट किया जा रहा है। इस स्थिति में जो अतिथि विद्वान 15-20 वर्षों से न्यूनतम वेतन एवं सुविधाओं के साथ मध्यप्रदेश शासन की इस व्यवस्था में कार्य कर रहे थे। वह अव्यवस्थित होंगे। ऐसी विषम परिस्थितियों में मध्यप्रदेश शासन एवं उच्च शिक्षा विभाग को शासकीय श्रीमंत माधवराव सिंधिया स्नातकोत्तर महाविद्यालय शिवपुरी में कार्यरत अतिथि विद्वान डॉ रामजी दास राठौर ने यह सुझाव दिया है कि मध्यप्रदेश शासन चयनित सहायक प्राध्यापकों को नियुक्त करने के साथ ही नए पदों का सृजन संबंधित महाविद्यालयों में करती है तो ऐसी स्थिति में सभी का ख्याल रखा जा सकता है। यदि हम वर्तमान परिस्थितियों को देखें तो जितने भी कॉलेज हैं उनमें आवश्यकता से काफी कम पदों का सृजन किया गया है। मध्य प्रदेश शासन द्वारा खोले गए नए महाविद्यालयों में भी चयनित सहायक प्राध्यापकों को नवीन पद सृजन के साथ नियुक्त किया जा सकता है। यदि हम शासकीय श्रीमंत माधवराव सिंधिया स्नातकोत्तर महाविद्यालय की ही बात करें तो वाणिज्य विभाग में  5 पद स्वीकृत हैं जबकि यहां पर 10 पद होना चाहिए क्योंकि इस विभाग में लगभग 1200 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। यही स्थिति अन्य विभागों की है जहां छात्र संख्या काफी अधिक है जबकि पद काफी कम स्वीकृत किए गए हैं। शिवपुरी जिले के एकमात्र शासकीय कन्या महाविद्यालय में भी वाणिज्य विभाग में 1 पद स्वीकृत है जबकि वहां कम से कम 3 पद स्वीकृत होने चाहिए अन्य विभागों की भी स्थिति इसी प्रकार है। मध्यप्रदेश शासन ने चॉइस फिलिंग ऑनलाइन लॉक कराना प्रारंभ कर दिया है। अभ्यर्थियों की इच्छानुसार संबंधित महाविद्यालय में नए पद के सृजन के साथ ही यदि शासन उन्हें नियुक्त करता है तो वर्तमान व्यवस्था में कार्यरत अतिथि विद्वान भी अपनी जगह पर बने रहेंगे उनके साथ अन्याय नहीं होगा साथ ही चयनित अभ्यर्थियों के साथ भी अन्याय नहीं होगा। मध्यप्रदेश शासन को अपनी कार्य योजना में बदलाव करते हुए नए अतिथि विद्वानों को इस व्यवस्था में अब नहीं जोड़ना चाहिए क्योंकि यदि हम पुराने अतिथि विद्वानों के साथ न्याय नहीं कर सकते तो कम से कम नए बेरोजगार युवाओं के साथ हम छल ना करें। जिन अतिथि विद्वानों ने संपूर्ण जीवन शासन की व्यवस्था के साथ गुजारा है उनका संविलियन करना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। मध्यप्रदेश शासन को  इस तरह की कार्ययोजना बनानी चाहिए जिससे अतिथि विद्वानों को उनका हक मिल सके।अतिथि विद्वान अयोग्य नहीं है, समय गुजरने के साथ-साथ कार्य क्षमता में परिवर्तन सभी में आते हैं। उन्हें बाहर का रास्ता न दिखाकर अंत भला तो सब भला के आधार पर उन्हें उनका हक दिया जाना चाहिए। सहायक प्राध्यापक पद के विरुद्ध न्यूनतम वेतन पर कार्य करने के कारण अतिथि विद्वानों की आर्थिक स्थिति काफी दयनीय है यदि फिर भी अतिथि विद्वानों को बाहर निकालना मध्यप्रदेश शासन की मजबूरी है तो प्रत्येक अतिथि विद्वान का जो शोषण शासन द्वारा किया गया है उसका  एरियर्स के रूप में शासन द्वारा एकमुश्त भुगतान दिया जाना चाहिए क्योंकि अतिथि विद्वानों को कार्य पर रखते समय यह वचन पत्र लिया जाता था कि भले ही आप संस्था में कम समय के लिए कार्य करेंगे लेकिन आप अन्य किसी कार्य को साथ में नहीं कर सकते। उन्हें वेतन का दसवां हिस्सा प्रदान किया जाता था 90% वेतन शासन के पास उनका जमा है। यूजीसी की गाइडलाइन योग्यताओं के लिए तो पालन की गई लेकिन वेतन के मामले में कभी भी उसका ध्यान नहीं रखा गया। मध्य प्रदेश शासन अतिथि विद्वानों को 15-20 वर्षों का एरियर्स जोकि 50 लाख से एक करोड़ तक का हो सकता है, उसका ब्याज सहित भुगतान करे और इस व्यवस्था को पूर्ण रूप से बंद करे अन्यथा दोनों के साथ न्याय पूर्ण नीति अपनाकर एक ऐतिहासिक पृष्ठभूमि बनाते हुए अतिथि विद्वानों के साथ न्याय करे।

COMMENTS

Name

अनूपपुर,1,अरूणाचल प्रदेश,3,अलीराजपुर,1,अशोक नगर,2,असम,2,आगर,1,आंध्र प्रदेश,1,इंदौर,10,उज्जैन,1,उड़ीसा,2,उत्तर प्रदेश,10,उत्तरप्रदेश,1,उत्तराखंड,2,उमरिया,2,कटनी,1,कपूरथला,1,कर्नाटक,2,केरल,1,कोरोना न्यूज़,1,कोलकाता,1,कौंच,1,खंडवा,1,खरगोन,1,खान-पान,1,खेल,7,गाजियाबाद,1,गुजरात,2,गुना,8,गुरुग्राम,1,गैजेट,1,गोवा,1,ग्वालियर,21,चंडीगढ़,1,चेन्नई,1,छतरपुर,2,छतीसगढ,3,छिंदवाड़ा,1,जबलपुर,4,जम्मू कश्मीर,1,जम्मू-कश्मीर,6,जागरूकता अभियान,1,झाबुआ,1,झारखंड,2,झाँसी,1,टीकमगढ़,2,टेक्नोलॉजी,10,डबरा,2,डिंडोरी,1,तमिलनाडु,2,तेलंगाना,1,त्रिपुरा,1,दतिया,10,दमोह,1,देवास,1,देश,27,धर्म,23,धार,3,नई दिल्ली,23,नरवर,1,नरसिंहपुर,1,नागालैण्ड,1,नीमच,1,नौकरी,14,पंजाब,4,पन्ना,1,पश्चिम बंगाल,1,प्रतापगढ़,3,बजट अपडेट,8,बड़वानी,1,बालाघाट,1,बिलासपुर,1,बिहार,1,बुरहानपुर,1,बैतूल,1,बॉलीवुड,2,भारत,9,भिंड,1,भिण्ड,1,भिलाई,1,भोपाल,17,मऊ,1,मंडला,1,मणिपुर,1,मंदसौर,1,मध्य प्रदेश,27,मध्यप्रदेश,18,मनोरंजन,1,महाराष्ट्र,10,मिजोरम,1,मिलाजुला,1,मुम्बई,5,मुरैना,2,मेघालय,1,मौसम अपडेट,4,रतलाम,3,राजगढ़,1,राजनीति,4,राजस्थान,2,रायसेन,1,रीवा,2,लखनऊ,1,लालगंज,1,लेख,5,विदिशा,1,विदेश,4,शहडोल,1,शाजापुर,5,शिवपुरी,447,श्योपुर,7,सतना,1,सागर,1,सामान्य ज्ञान की बातें,2,सिक्किम,1,सिंगरौली,1,सिवनी,1,सीधी,2,सीहोर,1,हरदा,2,हरियाणा,6,हिमाचल प्रदेश,1,हैदराबाद,1,होशंगाबाद,1,
ltr
item
Kalam Tak - Sach Har Keemat Par: नए पदों के सृजन के साथ हो चयनित सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति : डॉ.रामजी दास राठौर
नए पदों के सृजन के साथ हो चयनित सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति : डॉ.रामजी दास राठौर
https://1.bp.blogspot.com/-d39FfrAgQHI/XaS0jcMO4iI/AAAAAAAAAmk/acGpxnQWpbYxqQj-h0GttwDJeN0iWv7igCLcBGAsYHQ/s320/IMG-20191014-WA0029.jpg
https://1.bp.blogspot.com/-d39FfrAgQHI/XaS0jcMO4iI/AAAAAAAAAmk/acGpxnQWpbYxqQj-h0GttwDJeN0iWv7igCLcBGAsYHQ/s72-c/IMG-20191014-WA0029.jpg
Kalam Tak - Sach Har Keemat Par
https://www.kalamtak.com/2019/10/blog-post_60.html
https://www.kalamtak.com/
https://www.kalamtak.com/
https://www.kalamtak.com/2019/10/blog-post_60.html
true
4605838333867640698
UTF-8
Loaded All Posts Not found any posts VIEW ALL Readmore Reply Cancel reply Delete By Home PAGES POSTS View All RECOMMENDED FOR YOU LABEL ARCHIVE SEARCH ALL POSTS Not found any post match with your request Back Home Sunday Monday Tuesday Wednesday Thursday Friday Saturday Sun Mon Tue Wed Thu Fri Sat January February March April May June July August September October November December Jan Feb Mar Apr May Jun Jul Aug Sep Oct Nov Dec just now 1 minute ago $$1$$ minutes ago 1 hour ago $$1$$ hours ago Yesterday $$1$$ days ago $$1$$ weeks ago more than 5 weeks ago Followers Follow THIS PREMIUM CONTENT IS LOCKED STEP 1: Share. STEP 2: Click the link you shared to unlock Copy All Code Select All Code All codes were copied to your clipboard Can not copy the codes / texts, please press [CTRL]+[C] (or CMD+C with Mac) to copy